jSSC CGL Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका खारिज – चयनित उम्मीदवारों को राहत
झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) संयुक्त स्नातक स्तर (CGL) परीक्षा से जुड़े मामले में आज (05 जनवरी 2026) सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए परीक्षा में कथित पेपर लीक का आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी है। इससे चयनित उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है और नियुक्ति प्रक्रिया की राह साफ हो गई है।
📍 मामले का सार
सुप्रीम कोर्ट ने आज की सुनवाई में कहा कि जब झारखण्ड हाईकोर्ट पहले से ही मामले की निगरानी कर रहा है और उसने चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति जारी रखने का निर्देश दिया है, वहीं जांच भी साथ-साथ चल रही है, तो ऐसे में अलग से हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं हैl । अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में कोई कानूनी त्रुटि नहीं दिख रही है।
📅 मामले की पृष्ठभूमि और टाइमलाइन
इस मामले की समझ के लिए नीचे दी गई टाइमलाइन देखें जो बताती है कि मामला कैसे विकसित हुआ:

⚖️ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं, जिन्हें नीचे सारणीबद्ध किया गया है:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| 🚫 याचिका खारिज | हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका (SLP) को खारिज कर दिया गया। |
| ✅ हाईकोर्ट की पुष्टि | सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के निर्णय में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है और वह सही है। |
| 🔍 जांच जारी | हाईकोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच जारी रहेगी। |
| 📝 नियुक्तियाँ जारी | चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं है, वह जारी रहेगी। |
| ⚖️ हस्तक्षेप से इनकार | शीर्ष अदालत ने कहा कि जब हाईकोर्ट ही मामले की निगरानी कर रहा है, तो अलग से हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है। |
🔍 मामले की पूरी कहानी
- परीक्षा और आरोप: JSSC CGL परीक्षा का आयोजन हुआ था। बाद में, कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक का आरोप लगाया और पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की।
- हाईकोर्ट का दखल: मामला झारखण्ड हाईकोर्ट पहुँचा। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) के गठन का आदेश दिया ताकि लीक की सच्चाई सामने आ सके। इसके साथ ही, अदालत ने रिजल्ट घोषित करने और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि जांच में समय लग सकता था और उम्मीदवारों का भविष्य नहीं रुकना चाहिए था।
- नियुक्ति पत्र जारी: हाईकोर्ट के आदेश के बाद, झारखण्ड सरकार ने सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए।
- सुप्रीम कोर्ट पहुँच: पेपर लीक का आरोप लगाने वाले कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट के इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी और नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की।
- आज का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने आज इन अभ्यर्थियों की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला सही है और उसके आदेश में कोई गलती नहीं है। इससे चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति पर कोई खतरा नहीं है और प्रक्रिया जारी रहेगी।
JSSC CGL Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
📌 इस फैसले का मतलब क्या है?
- ✅ सफल उम्मीदवारों के लिए राहत: जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा पास कर ली थी और उन्हें नियुक्ति पत्र मिल चुके थे, उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब उनकी नौकरी पर से कोई खतरा नहीं है।
- ⚠️ आरोप लगाने वालों के लिए निराशा: पेपर लीक का आरोप लगाकर परीक्षा रद्द कराने या नियुक्तियों पर रोक लगवाने की कोशिश करने वाले अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
- 🔍 जांच का रास्ता साफ: हालांकि नियुक्तियाँ हो रही हैं, लेकिन SIT की जांच जारी रहेगी। यह देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या वास्तव में पेपर लीक हुआ था या नहीं।
💎 संक्षेप में
सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले ने JSSC CGL पेपर लीक मामले में एक लंबे समय से चली आ रही अस्पष्टता को काफी हद तक दूर कर दिया है। यह फैसला उन लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत भरा है जो ईमानदारी से तैयारी करके परीक्षा पास करने में सफल रहे थे और अपनी नौकरी का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, पेपर लीक की जांच जारी रहेगी, लेकिन उम्मीदवारों की नियुक्ति पर इसका असर पड़ने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
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JSSC CGL Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
